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डीएम ,सीडीओ ,सीएमओ और डीटीओ ने टीबी मरीजों को लिया गोद

ByPraveen Tripathi

Mar 24, 2022
  1. जिलाधिकारी ने बाइक रैली को दिखाई हरी झंडी, सम्मानित हुए क्षय रोग योद्धा

 

3200 टीबी रोगियों को विभागों, संस्थाओं और लोगों ने लिया गोद, शेष बचे टीबी रोगियों को भी गोद लेंगे

  • गोरखपुर।जिले में क्षय रोग से मुक्ति दिलाने के लिए जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने जनजागरूकता और समुदाय की भागीदारी के हथियार से वार किया जा रहा है । इसी कड़ी में विश्व क्षय रोग दिवस के मौके पर जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बाइक रैली को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया । उन्होंने क्षय रोग उन्मूलन की शपथ दिलायी और टीबी बैक्टीरिया की खोज करने वाले डॉक्टर राबर्ट काक को पुष्पांजलि अर्पित की। जिलाधिकारी ने टीबी उन्मूलन में बेहतरीन कार्य करने वाले भटहट, सहजनवां और बांसगांव के स्वास्थ्यकर्मियों को मेडल पहना कर सम्मानित किया। इसके बाद सीडीओ इंद्रजीत सिंह द्वारा क्षय रोग के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे क्षय रोग योद्धाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सीएमओ कार्यालय में सम्मानित किया गया ।जिलाधिकारी ने दो, मुख्य विकास अधिकारी ने एक और सीएमओ ने सात टीबी मरीजों को गोद लिया । एडीएम सिटी विनीत कुमार सिंह व जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर रामेश्वर मिश्रा समेत 38 श्रेणियों में विभागों, संस्थाओं और लोगों के द्वारा 3200 टीबी रोगियों को गोद लिया गया है । जिले के शेष टीबी रोगियों को भी गोद लिया जाएगा। इस मौके पर जिला क्षय रोग केंद्र में वाद-विवाद और निबंध प्रतियोगिताओं के भी आयोजन हुए ।जिलाधिकारी ने समुदाय से अपील की है कि लोग टीबी मरीजों को गोद लेने के लिए आगे आएं । गोद लेने वाले को उपचार के दौरान माह में एक से दो बार मरीज के घर भ्रमण करना है । भ्रमण में मरीज के हालचाल, उपचार और निःक्षय पोषण योजना से संबंधित जानकारी लेनी है । रोगी को पोषण पर सुझाव एवं स्वेच्छा से एक किलो भुना चना, एक किलो मूंगफली, एक किलो गुड़, एक किलो सत्तू, एक किलो तिल या गजक, एक किलो अन्य पोषक सामग्री जैसे हार्लिक्स बोर्नबिनटा, कॉम्प्लान भी उपलब्ध कराना चाहिए । रोगी को अगर स्वास्थ्य संबंधित समस्या है तो उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक की सलाह के लिए भेजना है । प्रयास यह भी करना चाहिए कि पात्र मरीजों को अन्य सरकारी सुविधाओं जैसे विधवा व वृद्धा पेंशन आदि की जानकारी दें और लाभ दिलवाने का प्रयास करें ।
    मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि टीबी का मरीज पूरी तरह से ठीक हो जाता है, बशर्ते उसकी सही समय से पहचान हो और वह उचित दवा, उचित मात्रा में और उचित समय तक सेवन करे । एक महीने बाद स्वस्थ होने के भ्रम में दवा छोड़ने से बीमारी गंभीर हो जाती है और इसका इलाज कठिन हो जाता है । यही वजह है कि टीबी मरीजों को गोद लेने का अभियान चलाया जा रहा है ताकि मरीजों का इलाज बीच में बंद न हो और उन्हें संपूर्ण पोषण भी मिले । टीबी का लक्षण दिखते ही क्षेत्र की आशा या एएनएम से संपर्क कर या सीधे सरकारी अस्पताल जाकर जांच करवाना है । बीमारी की पुष्टि होने पर चिकित्सक की सलाह से संपूर्ण इलाज प्राप्त करना है ।
    जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ रामेश्वर मिश्र ने बताया कि जिले में इस समय कुल 4687 सक्रिय क्षय रोगी हैं । राज्य स्तर से 2500 टीबी रोगियों को गोद लेने का दिशा-निर्देश मिला था लेकिन जिलाधिकारी की पहल पर 3200 रोगी गोद लिये जा रहे हैं । बाकी बचे टीबी रोगियों को भी गोद लिया जाएगा। जिले में 229 ड्रग रेसिस्टेंट टीबी रोगी हैं । अगर इन रोगियों ने पहली बार टीबी होने पर बीच में दवा न बंद की होती तो यह ड्रग रेसिस्टेंट नहीं हो पाते । अठारह वर्ष से कम उम्र के 742 टीबी रोगी जिले में मौजूद हैं । गोद लेने की पहल से ड्रग रेसिस्टेंट टीबी को रोका जा सकता है और समुदाय को बीमारी से मुक्त किया जा सकता है ।
    कार्यक्रम के दौरान क्षय रोग उन्मूलन के नारे लगाए गये। जिले के सभी सरकारी अस्पतालों पर टीबी उन्मूलन के लिए शपथ ग्रहण, रैली और गोद लेने के कार्यक्रम हुए। जिला स्तरीय आयोजन में भटहट से सद्दाम हुसैन, सहजनवां सज अरशद आलम, बांसगांव से राकेश प्रताप सिंह, उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर विराट, पीपीएम अभय नारायण मिश्र केके शुक्ला केशव धर दूबे जितेंद्र गिरी मनीष कुमार तिवारी अभिनंदन सिंह पाथ सलाहकार डॉक्टर नीरज किशोर पांडेय सीफार प्रतिनिधि वेद प्रकाश पाठक संजय सिन्हा और माजिद अली समेत 25 लोग विश्व क्षय रोग दिवस के मौके पर सम्मानित किये गये।इस मौके पर एमए बेग इंद्रनील गोबिंद अभिनंदन सिंह और वर्ल्ड विजन इंडिया के समन्वयक शक्ति पांडेय भी मौजूद रहे।